समावेशी वाणिज्य
ओएनडीसी (ONDC) के बारे में सबसे पहली बात समझने वाली यह है कि यह कोई ईकॉमर्स एप्लिकेशन या प्लेटफॉर्म नहीं है यह एक दस्तावेज़ है जो यह बताता है की अगर एक ईकॉमर्स एप्लिकेशन या प्लेटफॉर्म को दूसरे से बात करनी है तो यह कैसे संभव है । इसलिए ओएनडीसी ईकॉमर्स में प्रतिस्पर्धी नहीं है। ओएनडीसी ओपन आर्किटेक्चर का संरक्षक है। इस आर्किटेक्चर से खरीदार और विक्रेता भले ही वो दो अलग ऍप्लिकेशन्स में हों, वह आपस में खरीद बेच पाएंगे।
आइए इसे एक संपूर्ण लेन-देन कैसे होगा, इसके एक उदाहरण से समझते हैं।
ऋतिक लगभग 6 फीट लंबाई और अधिकतम 3 फीट ऊंचाई वाले बाघ की एक मूर्ति खरीदना चाहता है । ऋतिक ने खुद को किसी एक ईकामर्स या मार्केटप्लेस एप्लिकेशन में इसके लिए पंजीकृत किया और वह अपनी आवश्यकता को को भी एप्लीकेशन में पंजीकृत करता है। मान लेते हैं की यह एप्लिकेशन का नाम BuyZ है। सबसे पहले BuyZ अपने स्वयं के प्लेटफार्म में किसी विक्रेता को खोजने का प्रयास करेगा। इस प्रक्रिया को अगर हम ओएनडीसी के मद्देनजर देखें तो बोयज़ कई अन्य प्लेटफार्मों को ऋतिक की आवश्यक्ता के बारे में बताएगा । इस प्रश्न को ओएनडीसी प्रोटोकॉल के तहत भेजा जायेगा। चूँकि हर प्लेटफार्म ओएनडीसी प्रोटोकॉल को समझता है, BuyZ के प्रश्न को हर कोई समझ पायेगा। मान लीजिए कि SellP और SellQ दो प्लेटफॉर्म हैं जिनके पास ऐसे विक्रेता हैं जो यह मूर्ति मुहैया करा सकते हैं । SellP बताता है कि चेन्नई से शाहरुख इस तरह की मूर्ति दे सकता है। SellQ बताता है कि मुंबई के सचिन के पास ऐसी मूर्ति है। ऋतिक BuyZ एप्लिकेशन की अपनी स्क्रीन पर दोनों विकल्पों को देखेगा बिना यह जाने कि यह दो अन्य अलग-अलग प्लेटफार्मों से आ रहा है। मान लीजिए कि वह मूर्ति खरीदने के लिए SellQ के सचिन को चुनता है। इस विचार को सरल शब्दों में समझाने के लिए हम फिलहाल ऋतिक की सचिन और शाहरुख दोनों से बात करने की जरूरत के विषय में बात नहीं करेंगे। महत्वपूर्ण यह है की अब ऋतिक के पास ज्यादा और बेहतर विकल्प हैं।
ऋतिक BuyZ में ऑर्डर प्लेस करता है । यह आर्डर BuyZ SellQ को भेज देता है। SellQ प्लेटफॉर्म हो सकता है की डिलीवरी की लॉजिस्टिक्स खुद करे या फिर वह ओएनडीसी प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करके कई अन्य लॉजिस्टिक्स कम्पनीज के पास जा सकता है।SellQ लॉजिस्टिक्स कम्पनीज को अपने कोट (quote ) देने को बोल सकता है।
इस लेख को काफी सरल रखा गया है ताकि हम यह समझ सकें की कैसे ओएनडीसी ओपन प्रोटोकॉल ईकॉमर्स को और समावेशी बना सकता है।
ओएनडीसी प्रोटोकॉल की सफलता के लोए कुछ मुद्दे जिनका समाधान किए जाने की आवश्यकता है:
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